वो कहती थी, कोई किसी के बगैर मरता नहीं है, वो कहती थी, कोई किसी के बगैर मरता नहीं है,
उम्र गुजर जाती है रिश्ते संभलते नहीं, रिश्तों के बगैर लोग चलते नहीं। उम्र गुजर जाती है रिश्ते संभलते नहीं, रिश्तों के बगैर लोग चलते नहीं।
मां तू जानती है कि नहीं आज भी मुझे अंधेरे से डर लगता है तेरा हाथ पकड़ कर सोने को मेरा मां तू जानती है कि नहीं आज भी मुझे अंधेरे से डर लगता है तेरा हाथ पकड़ कर सोने...
एक मुर्दे ने दूजे मुर्दे से पूछा एक मुर्दे ने दूजे मुर्दे से पूछा
तुमसे बात करने की कोई वजह नहीं बची, मुलाक़ात क्यूँ करे कि कोई वजह नहीं बची। अब तुम्ह तुमसे बात करने की कोई वजह नहीं बची, मुलाक़ात क्यूँ करे कि कोई वजह नहीं बची। ...
क्या कोई सुबूत है अब उन कबूतरों का क्या होगा? क्या कोई सुबूत है अब उन कबूतरों का क्या होगा?